Friday, June 14, 2013

अपने कदम से निराश कर गए आडवाणी

Saswat Panigrahi

और आखिर लालकृष्ण आड़वाणी झुकने के लिए तैयार हो गए। उनके पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में भयंकर संकट पैदा हो गया था। भाजपा के वयोवद्ध नेता ने अपने इस्तीफे के ३० घंटों के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के आडवाणी से बात करने के बाद पार्टी और आडवाणी के बीच शीत युद्ध समाप्त हो गया। भागवत ने आडवाणी से कहा कि वे भाजपा संसदीय दल के उनके इस्तीफे को खारिज करने के फैसले का सम्मान करें। इसके बाद आडवाणी के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। भाजपा का संकट फिलहाल तो टल ही गया है।
अब बड़ा सवाल- आडवाणी ने इस्तीफा क्यों दिया था ? हालांकि भाजपा के सबसे बुजुर्ग नेता ने कहा, उनके लिए भाजपा की वर्तमान कामकाज की शैली के मद्देनजर उनके लिए पार्टी में काम करना कठिन हो रहा है। पर यह जगजाहिर है कि वे मोदी को भाजपा की कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाए जाने से आहत थे।


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